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| होम >> कोर्पोरेट बैंकिंग >> ऋण एवं अग्रिम >> कार्यशील पूंजी वित्तीयन |
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- कार्यशील पूंजी मूल रूप से चालू परिसंपतियों, जैसे कच्चा माल, स्टोर्स, अधबनी वस्तुएं, बनी वस्तुएं, फुटकर ऋणी आदि में निवेश है ।
- यह उस धन को प्रदर्शित करता है जो कच्चे माल को खरीदने, वेतन, मजदूरी, बिजली प्रभार आदि का भुगतान करने और माल की आपूर्ति और उसके बाद भुगतान प्राप्त करने के बीच के अंतराल में ऋण देने के लिए भी है ।
- कार्यशील पूंजी वित्त को माल सूची की सीमा (पूर्व बिक्री), प्राप्य (बिक्री पश्चात), गैर निधि आधारित ऋण सीमा और लघु अवधि ऋण उत्पाद के रूप में जरूरत के आधार पर विभिन्न रूपों में दिया जाता है ।
- किसी इकाई की कार्यशील पूंजी आवश्यकता का निर्धारण विभिन्न प्रणालियों जैसे टर्नओवर मेथड, अधिकतम स्वीकार्य बैंक वित्त (एमपीबीएफ) प्रणाली, नकदी बजट प्रणाली एवं निवल ओनड निधि प्रणाली, क्रियाकलाप के प्रकार के आधार पर किया जाता है ।
- कार्यशील पूंजी सुविधाओं के लिए प्रतिभूति स्वतः ही बैंक के सामान्य ऋण मानदण्डों के अनुसार होगी और खाते के जोखिम जानकारी पर निर्भर करेगी ।
- कार्यशील पूंजी वित्त पर ब्याज दर का निर्धारण ऋण की मात्रा, क्रियाकलाप के प्रकार, ऋण के प्रयोजन, वित्तीय मानकों आदि पर निर्भर करता है ।
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