बैंक का संक्षिप्त रेखाचित्र
अपनी ग्राहकोन्मुखता के लिए व्यापक रूप से जाने-जानेवाले केनरा बैंक की स्थापना एक महान दूरद्रष्टा एवं सामाज सेवी श्री अम्मंबाल सुब्बाराव पै द्वारा जुलाई 1906 में कर्नाटक के एक छोटे से पत्तन शहर, मंगलूर में की गयी । पिछले एक सौ वर्षों में बैंक ने अपनी प्रगति के पथ पर कई मंज़िलें तय की हैं । केनरा बैंक का विकास आश्चर्यजनक था, विशेषकर 1969 में राष्ट्रीयकरण के बाद , जाने भौगोलिक पहुँच और ग्राहक संवर्गों की दृष्टि से राष्ट्रीय स्तर की हैसियत प्राप्त की है । अस्सी के दशक में बैंक के व्यापार का विशाखन देखने को मिलता है । जून 2006 में बैंक ने भारतीय बैंकिंग उद्योग में एक शताब्दी पूरी कर ली । बैंक की साक्रिय यात्रा में कई महत्वपूर्ण मील-पत्थर हैं । आज केनरा बैकं भारतीय बैंकिंग की बिरादरी में एक अग्रणी स्थान प्राप्त किया हुआ है और वर्ष 2006-07 के लिए साकल व्यापार के मामले में भारत का साबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक के रूप में उभरा है । अपनी स्थापना से लेकर लाभ कमाने के कीर्तिमान साहित केनरा बैंक कई क्षेत्रों में अव्वल आया है । इनमें कुछ हैं :
अंतर-नगर एटीएम नेटवर्क का प्रारंभ
एक शाखा के लिए आईएसओ प्रमाणीकरण प्राप्त करना
" गुड बैंकिंग - बैंक की नागरिक संहिता " की घोषणा
अनन्य रूप से महिलाओं के लिए महिला बैंकिंग शाखा का प्रारंभ
सूचना प्रौद्योगिकी परामर्श हेतु अलग से अनुषंगी की स्थापना
किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी करने वाला भारत में पहला बैंक
कृषि परामर्शी सेवा प्रदान करनेवाला भारत में पहला बैंक
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कई वर्षों से बैंक भारत और विदेशों में अपनी नौ अनुषंगियों /प्रायोजित संस्थाओं/ संयुक्त उद्यमों के साथ प्रमुख वित्तीय संकुल के रूप में उभरने के लिए बाजार में अपनी स्थिति में बढ़ोत्तरी करता आ रहा है । यथा दिसम्बर 2009 को बैंक ने देश के सभी भौगोलिक क्षेत्रों में व्याप्त 3002 शाखाओं के साथ अपनी उपस्थिति में वृद्धि की है । ग्राहक सुविधा को प्राथमिकता देकर बैंक 723 केद्रों में स्थित राष्ट्रीयकृत बैंकों में सर्वाधिक 2000 से अधिक एटीएम, इन्टरनेट व मोबाइल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वाली 1918 शाखाएं तथा `एनिवेयर बैंकिंग' सेवाएं प्रदान करने वाली 2086 शाखाओं सहित कई सारे वैकल्पिक डिलीवरी चैनलों को उपलब्ध करा रहा है। उन्नत भुगतान और निपटान व्यवस्था के अंतर्गत बैंक की सभी शाखाओं को तत्काल सकल निपटान (आरटीजीएस) व राष्टीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (एनईएफटी) सुविधा के लिए सक्षम बनाया गया है। केनरा बैंक ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का अनुपालन करना , ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के ज़रिए ग्रामीण स्व-नियोजन को बढ़ावा देना, वित्तीय समावेशन का अग्रदूत बनना आदि जैसी विभिन्न कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वाह में अपनी छाप छोड दी है । एक समावेशित विकास को बढ़ावा देना, जो कि आज राष्ट्रीय नीतिगत कार्य की आधारशिला है, बैंक की स्थापना के सिद्धांतों में गहरे रूप से निहित है - " एक अच्छा बैंक न केवल समाज का वित्तीय हृदय होता है, बल्कि आम जनता की आर्थिक हालत में सुधार लाने के लिए हर तरीके से मदद करने का दायित्व भी उसका है । " हमारे संस्थापक का यह प्रबोध कथन , समाज की सार्थक सेवा करने में आज भी हमारा पथप्रदर्शक है ।
पहली शताब्दी में केनरा बैंक की विकास यात्रा, अन्य बातों के साथ – साथ हमारे मूल्यवान ग्राहकों, हितधारकों, प्रतिबद्ध कर्मचारीगण और इस संस्था का नेतृत्व करेनवालों की कुशल नेतृत्व का परिणाम थी । हम विश्वास करते हैं कि अगली शताब्दी भी न केवल राष्ट्र की सेवा करने में बल्कि " उत्तम आचरण सहित वैश्विक बैंक " के रूप में उभरने की दिशा में सार्थक उतनी ही एवं सक्रिय वृद्धि होगी । यह अटूट विश्वास, इसकी मज़बूत बुनियाद, ग्राहकोन्मुखता, प्रबुद्ध नेतृत्व और पारिवारिक कार्य संस्कृति पर आधारित है । |